-व्यापारियों ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में अपनी समस्याओं को साझा किया
-बोले, ई-खरीदारी से 70 प्रतिशत व्यापार हो गया कम
माई सिटी ब्यूरो
यमुना सिटी/रबूपुरा। ई-कॉमर्स कंपनियों ने छोटे-मझोले व्यापारियों और दुकानदारों का व्यापार चौपट कर दिया है। सरकार को कुछ इस तरह के नियम बनाने चाहिए कि छोटे व्यापारियों का व्यापार प्रभावित न हो। मंगलवार को रबूपुरा के मुख्य बाजार स्थित धर्मशाला में अमर उजाला की ओर से आयोजित व्यापारी संवाद में दुकानदारों और छोटे व्यापारियों ने अपनी व्यथा बताई। क्षेत्रीय समस्याओं पर भी ध्यान आकृष्ट कराया।
अमर उजाला संवाद में व्यापारियों ने बताया कि पांच वर्ष पहले जब ई-कॉमर्स कंपनियों का जोर केवल शहरी क्षेत्रों में था तो क्षेत्र में अधिकतर लोग बाजार से ही खरीदारी करते थे। अब लोग घर बैठे कपड़, जूते, राशन, खाने का सामान या अन्य जरूरत का सामान अमेजॉन या फि्लपकार्ट से मंगाने लगे हैं। ऐसे में पिछले पांच वर्ष में लगभग 70 प्रतिशत व्यापार प्रभावित हो गया है। ई-कॉमर्स कंपनियों की छोटे-छोटे कस्बो में पहुंच हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि यद्यपि हमारा सामान अधिक सस्ता और गुणवत्तापरक होता है लेकिन लोग घर बैठे ही इन कंपनियों पर भरोसा जता रहे हैं। इसके लिए सरकार को कोई ऐसा रास्ता ढूंढना चाहिए कि छोटे व्यापारियों को भी व्यापार मिल सके। यदि ऐसा ही चलता रहा तो कस्बों में भी व्यापार मुश्किल हो जाएगा।
व्यापारियों का कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनियां सप्ताह में सातों दिन काम पर रहती हैं। ऐसे में व्यापारियों को भी हक मिले कि सप्ताह के सातों दिन वह अपनी दुकान खोल सकें। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से व्यापारी इन कंपनियों को टक्कर दे सकेंगे। इस दौरान व्यापारियों ने अघोषित बिजली कटौती की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। वहीं, जिला प्रशासन से रबूपुरा में बेहतर परिवहन व्यवस्था बनाने की भी मांग की। ऑनलाइन सामान बेचने वाली अमेजॉन और फ्लिपकार्ट से छोटे व्यापारियों को हो रहा नुकसान। संवाद कार्यक्रम में सुनील तायल आदि मौजूद रहे।
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सरकार ने यदि ई-कॉमर्स कंपनियों का दायरा कम करने पर ध्यान नहीं दिया तो देशभर के छोटे व्यापारी और दुकानदारों के लिए समस्या और बड़ी हो जाएगी।
बिजेंद्र भाटी, व्यापारी
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कोरोना के समय में जहां सबकुछ ठप पड़ गया था तो छोटे कस्बों और शहरों में छोटे दुकानदार और व्यापारियों के जरिए लोगों को राशन या अन्य सामान मिल पाया था। सरकार को इसे बढ़ावा देना चाहिए।
हेमंत मित्तल, व्यापारी
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क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में कुछ क्षेत्रों में सुधार हुए हैं लेकिन बिजली कटौती की समस्या अभी भी विकराल बनी हुई है। व्यापारी और आम लोग बिजली की अघोषित कटौती और ट्रिपिंग से परेशान हैं।
महेंद्र जैन, व्यापारी
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क्षेत्र में परिवहन की समस्या सबसे बड़ी है। यहां से अन्य क्षेत्रों में जाने-आने में व्यापारियों और आम लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कोमल प्रसाद शर्मा, व्यापारी
Source:-https://www.amarujala.com/delhi-ncr/noida/e-commerce-companies-spoiled-the-game-of-small-shopkeepers-noida-news-c-23-1-lko1064-70686-2025-08-05
