भारत को जापान से मिला 5.71 अरब डॉलर का सबसे ज्यादा निवेश, कुल इक्विटी निवेश में करीब 29% रही हिस्सेदारी

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत को मिले कुल 19.81 अरब डॉलर के इक्विटी निवेश में जापान की हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत रही।

चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जापान, भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान जापान से 5.71 अरब डॉलर का निवेश आया, जो पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में आए 3.74 अरब डॉलर से भी काफी ज्यादा है। वित्त वर्ष 2025-26 में जापान से भारत में 2.48 अरब डॉलर का निवेश आया था।

भारत को मिले कुल 19.81 अरब डॉलर के इक्विटी निवेश में करीब 29 प्रतिशत रही जापान की हिस्सेदारी 

आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत को मिले कुल 19.81 अरब डॉलर के इक्विटी निवेश में जापान की हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत रही। जापान ने साल 2025 में भारत में एक दशक से ज्यादा की अवधि में 10 लाख करोड़ येन (करीब 7 लाख करोड़ रुपये) निवेश करने का लक्ष्य रखा था।

भारत में अबतक 1 लाख करोड़ रुपये का कर चुकी हैं निवेश

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल पिछले महीने दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए जापान की यात्रा पर गए थे। नागोया में उन्होंने कहा था कि जापानी कंपनियां भारत में एक दशक में 10 लाख करोड़ येन (करीब 6 लाख करोड़ रुपये) निवेश करने की प्रतिबद्धता के तहत अबतक 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी हैं।

अब भारत में ज्यादा एक्टिव हो रहे हैं जापानी संस्थागत निवेशक

डेलॉयट इंडिया के पार्टनर अनिल तलरेजा ने कहा कि जापानी संस्थागत निवेशक अब भारत में ज्यादा एक्टिव हो रहे हैं और जापानी वित्तीय संस्थानों की भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक वृद्धि की धीमी रफ्तार, श्रम एवं विनिर्माण लागत में बढ़ोतरी और टैरिफ से जुड़े जोखिमों के कारण जापानी कंपनियां अपनी सप्लाई चेन में विविधता ला रही हैं तथा कुछ क्षेत्रों पर निर्भरता की समीक्षा कर रही हैं।

भारत पर मजबूत हो रहा जापान का भरोसा

शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के इक्विटी पार्टनर रुद्र कुमार पांडेय ने भी कहा कि पहली तिमाही में जापान का सबसे बड़ा निवेशक बनना भारत में उसके मजबूत भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि निवेश के आंकड़ों में बड़े रणनीतिक सौदों की अहम भूमिका रही है, जबकि जापानी कंपनियों की विस्तार योजनाएं विनिर्माण, वित्तीय सेवाओं और प्रौद्योगिकी में दीर्घकालिक अवसरों की ओर इशारा करती हैं।

Source:– https://www.indiatv.in/paisa/business/india-received-the-highest–investment-of-5-71-billion-dollars-from-japan-accounting-for-nearly-29-percent-of-the-total-equity-investment-2026-10-11-1248222

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *